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बच्चों से उत्तराधिकार के बारे में बात करें

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एस्टेट प्लॉनिंग के बारे में यह चर्चा करना आप के साथ-साथ आपके बच्चों के लिए भी प्रायः फायदेमंद हो सकता है कि संपत्ति कैसे, कब और क्यों हस्तांतरित होगी।

जब आप अपनी जायदाद की एक सही से लिखी गई, समग्र, और अप-टू-डेट योजना बना लेते हैं, तो जल्दी ही आप यह सोच सकते हैं कि आपको अपनी वसीयत, या अधिक बड़ी जायदाद योजना पर आपके लाभार्थियों, खासतौर से आपके बच्चों से चर्चा करनी चाहिए कि नहीं।

इस सवाल का कोई सही जवाब नहीं है। कानूनी तौर पर आपके लिए ऐसा करना ज़रूरी नहीं है। अनेक जायदाद सलाहकार उनको बताने के खिलाफ रहते हैं।

आपकी मृत्यु से पहले वसीयत में कोई शक्ति या प्रभाव नहीं होता। जब तक आपकी कानूनी क्षमता बनी रहे, तो कुछ निश्चित सीमित अपवादों को छोड़कर आप कभी भी अपनी वसीयत में मन-मुताबिक फेरबदल कर सकते हैं। वसीयत की विषयवस्तु गोपनीय रखने के पक्ष में यह एक मजबूत तर्क है।

इसके अलावा, ज्यादातर अभिभावकों को बड़े उत्तराधिकार की स्थितियों में निहित संभावित हतोत्साहित करने वाले असर को लेकर जायज चिंता रहती है। यदि आपको पता हो कि आगे चलकर आपको बेहतर लाभ मिल सकता है, तो कठिन परिश्रम करने के प्रोत्साहन पर क्या असर होता है?

फिर भी, कुछ परिस्थितियां होती हैं जिनमें प्रकटीकरण सदैव उचित होता हैः

  1. जब उत्तराधिकार के साथ दायित्व जुड़े हों;
  2. जब योजना ऐसी हो कि उसमें आपके लाभार्थियों के बीच असहजता या तनाव पैदा हो सकता हो; और
  3. जब आपके लाभार्थियों की ओर से कुछ पूर्वतैयारी की जानी अपेक्षित हो।

लगातार लाभदायक उपहार

आपका पारिवारिक कॉटेज या पारिवारिक कारोबार दो ऐसी जायदाद हैं जिनकी यूं ही वसीयत नहीं की जानी चाहिए। इन जायदादों से अधिकारों के साथ दायित्व भी जुड़े होते हैं और बराबर बंटवारा कदाचित ही सबसे निष्पक्ष बंटवारा होगा। उसी तरह से, इन विशिष्ट जायदादों का उत्तराधिकार एकदम प्रथम श्रेणी में पड़ता है और दूसरी और तीसरी में भी रह सकता है।

पारिवारिक कॉटेज का उत्तराधिकार, जायदाद संबंधी अनेक मुकदमों में बड़ी भूमिका निभाता है। अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि सभी हितधारक पक्षों के मामले में विकल्पों पर पहले से उचित विचार नहीं किया गया। कम से कम, आपको निम्न प्रश्नों पर विचार करना ही चाहिएः

  • क्या रूचि रखने वाले किन्हीं या सभी बच्चों का कॉटेज में स्वामित्व है?
  • क्या कोई या सभी बच्चे, स्वामित्व के साथ जुड़े खर्चों तथा दूसरे दायित्वों का भार उठाने की स्थिति में हैं।
  • क्या सह-स्वामित्व सचमुच वास्तविक है?
  • इस समीकरण में बेटों और बहुओं को मत भूलें। पारिवारिक कारोबार के उत्तराधिकार में भी यह लागू होता है, जिसमें हिस्से काफी अधिक होने की संभावना होती है।
  • योजना में परिवार को शामिल करना और यथार्थ प्रश्न पूछना, सचमुच व्यावहारिक उत्तराधिकार योजना बनाने का एकमात्र तरीका है। आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि किसी बच्चे को कॉटेज लेने में कोई दिलचस्पी नहीं हो सकती है, वह कॉटेज पसंद कर सकता है लेकिन यह भी मान सकता है कि उससे जुड़े वित्तीय बोझ उठाने में वह असमर्थ रहेगा, या कॉटेज पसंद कर सकता है लेकिन सह-स्वामित्व में लेने की नहीं सोच सकता।
  • पारिवारिक कारोबार संभालने के मामले में अपने बच्चों की रूचियों को जानें और उनका नजरिया समझें।

अंतिम समय के लिए योजना

अन्य परिस्थिति जिसमें आप जायदाद की योजना के बारे में अपने वयस्क बच्चों से बात करना चाह सकते हैं, वह होती है जिसमें बड़ी मात्रा में धनराशि जुड़ी हो।

  • आपने जीवन भर जमा किया और अपनी जायदाद प्रबंधित करना सीखा। अगली पीढ़ी को बिना सोचे-समझे यूं ही यह सौंप देना कोई उचित विकल्प नहीं कहा जा सकता। एक समय अवधि में पूंजी वितरणों से नियमित आय प्रदान करने के लिए एक ट्रस्ट गठित किया जा सकता है, जिससे लाभार्थियों को उनकी संपदा परिपक्व करने की सुविधा मिलती है।
  • जायदाद के अनुसार, अतिरिक्त पूर्वतैयारी की जा सकती है। यह संबंधित वास्तविक धनराशि बताए बिना किया जा सकता है, और करना चाहिए।
  • वे कितने भी शिक्षित हों या परिष्कृत हों, लेकिन प्रोफेशनल सलाहकारों से डीलिंग के मामले में आपके बच्चों का अनुभव बहुत कम हो सकता है। अब परिचय शुरू करना उचित है।
  • ये मसले हल करने के लिए अनौपचारिक घरेलू बैठकें सबसे बेहतर फोरम हो सकती हैं।
  • मसलों तथा मध्यस्थता वाले पारिवारिक मामलों के लिए बैठकें आवश्यक हो सकती हैं।
  • सलाहकारों के साथ विशेष वार्षिक या अर्धवार्षिक बैठकों में अपने बच्चों को बतौर मेहमान शामिल करने से ज्ञान या परिपक्वता की कोई कमियां सफलतापूर्वक दूर की जा सकती हैं। उत्तराधिकारियों के लाभ के लिए एजेंडे में एक अनुकूलित शैक्षिक घटक भी शामिल करना चाहिए।
  • जायदाद की प्रभावशाली योजना में आपके लक्ष्य और आकांक्षाएं झलकनी चाहिए, लेकिन उत्तराधिकारियों से अपेक्षाएं भी समझी और स्वीकार की जानी चाहिए- चाहे इन्हें शामिल न किया गया हो।

संवाद की खुली गुंजाइश

अंततः आपको अपने बच्चों के दृष्टिकोण से अपनी जायदाद की योजना पर विचार करना चाहिए। जब आप को अतिरिक्त सहायता या स्पष्टीकरण उपयोगी लगे, तो बातचीत शुरू करने के लिए सर्वोत्तम तरीके की योजना बनाना शुरू करें।

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